ऋतु की कविताएँ समकालीन कविताओं में एक गंभीर पहचान बना रही हैं। अच्छी कविता वह है जो हृदय को संप्रेषित कर दे ठीक वैसी ही कविताएँ ऋतु ने लिखी हैं। मूलत: ऋतु ने विश्वास की और अहसास की कविताएँ लिखी हैं। बड़े मयार की छोटी कविताएँ ऋतु की पहचान हैं जो इस संग्रह में भी शामिल हैं। ‘उस सतर्क समय में’ कविता देखिए उस सतर्क समय में,तमाम बौद्धिक जुगाली के बीच बच्चों के बस्ते के भीतर सुरक्षित थी मैं…” इस कविता का अर्थ धीमे-धीमे खुलता है पर जब खुलता है तब पेंसिल की नोक की तरह मर्म पर जा लगता है हवा की छुअन की तरह शब्दों का जादुई स्पर्श यहाँ पूरी शिद्दत से मौज़ूद है। यहाँ बावजूद इतने कविता संग्रह की बाढ़ में ऋतु की कवितायें तमाम कविताओं से बिल्कुल अलग तरीके से आईडेंटिफाई की जाएगी जो समाज की बेहतरी की शनात करेंगी। ऐसे में दूसरे कवि भी अपने में एक फ़ितरत पैदा करेंगे कि इनके बनिस्बत लिखें।- अरुण शीतांश
The post Mujhe Patang ho jana hai appeared first on pustaknaamaa.com.
]]>