सोशल मीडिया के विभिन्न प्लैटफॉर्म्स पर ‘मैला आँचल समूह’ ने विभिन्न ज्ञानी वक्ताओं के माध्यम से रेणु पर चर्चाएँ आयोजित कीं, कई कलाकारों ने रेणु के जीवन पर आधारित श्रव्य नाटक को ध्वनियाँ दीं, कई ने उनकी कहानियों व उपन्यास ‘मैला आँचल’ का पूरे भाव व सम्मान के साथ पाठ किया। पुस्तकनामा के साथ मिलकर इस पुस्तक का प्रकाशन इस क्रम को आगे बढ़ाने का ही एक प्रयास है। रेणु की कृतियों, उनके व्यक्तित्व, उनके भाषा-शिल्प, उनके पात्रों, उनके राजनीतिक-लेखकीय जीवन से रू-ब-रू कराते व उनकी समालोचना करते 18 आलेख हैं इस पुस्तक में। सभी आलेख रेणु के अलग-अलग पहलुओं को शब्दांकित करते हैं। रेणु की कहानी पर आधारित फिल्म ‘तीसरी कसम’ में एक छोटी-सी भूमिका निभाते एक भावुक कलाकार से लेकर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के सम्मुख रेणु को विश्लेषित करते विद्वान प्रोफेसरों तक ने इस पुस्तक में रेणु के प्रति अपने विचारों को बड़े ही मनोयोग से प्रस्तुत किया है। आलेखों की कोई शब्द-सीमा निर्धारित नहीं की गई है और ना ही रेणु के सिर्फ किसी एक विषय-वस्तु तक लेखकों को सीमित किया गया है, लेखकों को विचारों की भी पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। यही वज़ह है कि यह पुस्तक रेणु के विविध आयामों को बिना किसी सीमा के छूने में सफल रही है।
The post Renu Prasang appeared first on pustaknaamaa.com.
]]>